दिल्ली सरकार ने राजधानी की गौशालाओं को आर्थिक सहायता और लीज विस्तार प्रदान कर पशु कल्याण में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में राजधानी की चार गौशालाओं — सुल्तानपुर डबास, रेवला खानपुर, हरेवली और सुरहेड़ा — के प्रतिनिधियों को बकाया राशि का भुगतान, चारे की व्यवस्था और लीज एक्सटेंशन प्रमाणपत्र सौंपे।
इस पहल के तहत कुल 20.26 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। इसमें 7.64 करोड़ रुपए बकाया भुगतान और 12.62 करोड़ रुपए आगामी चारे के खर्च के लिए हैं। साथ ही, गौशालाओं के लंबित लाइसेंस और लीज समझौते भी नवीनीकृत किए गए हैं, ताकि निराश्रित और बेसहारा गायों को निरंतर भोजन, सुरक्षित आश्रय और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार निराश्रित गौवंश की सेवा और संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 10 आधुनिक गौशालाओं का विकास किया जाएगा, और आगे 40 गौशालाओं को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य है। उनका कहना था कि गौशालाओं को केवल आश्रय स्थल नहीं, बल्कि सेवा और करुणा के केंद्र के रूप में देखा जाना चाहिए।
सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि वित्तीय या प्रशासनिक बाधाएँ गौशालाओं की देखभाल में आड़े नहीं आएंगी। सरकार का उद्देश्य है कि गौशाला प्रबंधन बिना किसी चिंता के केवल पशुओं की देखभाल पर ध्यान केंद्रित कर सके। इसके साथ ही, उन्होंने गोबर से ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों की दिशा में भी काम करने का संकेत दिया। इस अवसर पर गौशाला प्रतिनिधियों ने दिल्ली सरकार द्वारा समय पर वित्तीय सहायता और सहयोग प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया और गौवंश के संरक्षण एवं सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।









