असम विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में कानून और व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। नलबाड़ी में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार असम में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करेगी और चार शादियों पर रोक लगाने की योजना है।
अमित शाह ने कांग्रेस पर राज्य की सामाजिक संरचना बदलने और वोट-बैंक राजनीति के लिए अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने वाले पांच वर्षों में हर घुसपैठिए की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजेगी। शाह ने दावा किया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य की सीमाएं मजबूत कर घुसपैठ रोक दी है और 1.25 लाख एकड़ ज़मीन जो अवैध कब्ज़े में थी, वापस ली गई है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि भाजपा के राज में राज्य में स्थिरता और शांति आई है। उन्होंने बोडो, कार्बी आंगलोंग, DNLA और ULFA समूहों के साथ समझौते किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि 10,000 हथियार छोड़ दिए गए और हिंसा-भरी घटनाओं में कमी आई है। शाह ने जोर देकर कहा कि यह जमीन, संस्कृति और पहचान असम की है, और किसी घुसपैठिए का इस पर कोई हक नहीं।
असम में आगामी विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होंगे, जिसमें 126 सीटों पर एक साथ मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच रहेगा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश करेंगे, जबकि कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। शाह के बयान ने चुनावी रणनीति में भाजपा के कड़े रुख और राज्य की सुरक्षा को लेकर उसका एजेंडा स्पष्ट कर दिया है।









