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बालेन शाह ने PM बनते ही लागू किया ‘100 दिवसीय एक्शन प्लान’, शिक्षा व्यवस्था में किए बदलाव

नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की शुरुआत की गई है। सरकार ने ‘100 दिवसीय एक्शन प्लान’ जारी करते हुए देश के सभी स्कूल और विश्वविद्यालयों को राजनीति से मुक्त करने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत, अब सभी शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। अगले दो महीनों में इन संगठनों को परिसरों से अपने कार्यालय हटाने होंगे। सरकार का मानना है कि स्कूल और कॉलेज अब केवल शिक्षा के केंद्र होंगे, राजनीति का मैदान नहीं।

राजनीतिक गतिविधियों को हटाने के साथ ही छात्रों की समस्याओं को सुनने और समाधान खोजने के लिए गैर-राजनीतिक ‘स्टूडेंट काउंसिल’ या ‘वॉइस ऑफ स्टूडेंट’ जैसी संरचनाएं बनाई जाएंगी। ये नए तंत्र छात्रों की आवाज़ को संस्थानों तक सीधे पहुँचाने का काम करेंगे। साथ ही स्नातक स्तर तक पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए अब नेपाली नागरिकता की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। इस कदम से विदेश से आने वाले छात्रों के लिए भी अध्ययन आसान होगा। विश्वविद्यालयों के परीक्षा परिणाम अब मंत्रालय के तय कैलेंडर के अनुसार समय पर जारी होंगे।

देश के विदेशी नाम वाले स्कूलों को अब नेपाली नाम अपनाना होगा। ऑक्सफोर्ड, पेंटागन, सेंट जेवियर्स जैसे नाम बदलकर स्थानीय पहचान को बढ़ावा दिया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई में बदलाव भी किया गया है। कक्षा 5 तक की परीक्षाएं समाप्त कर दी गई हैं और उनकी प्रगति वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली से मापी जाएगी। इस पूरी पहल का उद्देश्य शिक्षा को राजनीति से अलग करना, छात्रों पर तनाव कम करना और शिक्षण संस्थानों को वास्तविक ज्ञान के केंद्र में बदलना है।