भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने अपनी रणनीति में अहम बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर खरीदने वालों को सब्सिडी का लाभ पहले से अधिक समय तक मिलता रहेगा, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
नई नीति के अनुसार, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी को जुलाई 2026 तक जारी रखा जाएगा। वहीं, तीन पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए यह सुविधा मार्च 2028 तक उपलब्ध रहेगी। पहले यह योजना मार्च 2026 तक सीमित थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर बाजार को स्थिरता देने की कोशिश की गई है।
हालांकि, समयसीमा बढ़ाने के साथ सरकार ने सब्सिडी की राशि में कमी भी की है। अप्रैल 2025 से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर सब्सिडी को सीमित कर दिया गया है, जिससे अधिकतम लाभ कम हो गया है। इसी तरह, थ्री-व्हीलर के लिए भी सहायता राशि घटाई गई है। सरकार का उद्देश्य धीरे-धीरे सब्सिडी पर निर्भरता कम कर बाजार को आत्मनिर्भर बनाना है।
अब तक लाखों उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा चुके हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में लाखों नए ईवी को सड़कों पर उतारने का है। इसके साथ ही, इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और हजारों नए चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की योजना बनाई गई है। इससे न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि ईवी अपनाने में लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।









