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हेलीकॉप्टर से तैनात होंगे स्मार्ट ड्रोन: भारतीय वायुसेना का नया ‘वायु बाण’ मिशन

भारतीय वायुसेना ने आधुनिक युद्ध की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक नई पहल शुरू की है, जिसे ‘वायु बाण’ नाम दिया गया है। यह देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमें हेलीकॉप्टर से सीधे हवा में ड्रोन तैनात किए जाएंगे। इस स्वदेशी कार्यक्रम का उद्देश्य मानव-चालित हेलीकॉप्टर और मानवरहित प्रणालियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। ‘वायु बाण’ के तहत विकसित किए जा रहे ड्रोन छोटे, स्वायत्त और अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगे। इन्हें उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर से छोड़ा जाएगा, जिसके बाद ये अपने पंख खोलकर सक्रिय हो जाएंगे और मिशन के अनुसार कार्य करेंगे। ये ड्रोन निगरानी के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर सटीक हमले करने में भी सक्षम होंगे।

इस परियोजना का नेतृत्व वायुसेना के एयरोस्पेस डिजाइन निदेशालय द्वारा किया जा रहा है। हाल ही में इस सिस्टम के विकास के लिए देश की कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, ताकि इसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के साथ तैयार किया जा सके। इन ड्रोन की खासियत यह है कि ये ऑपरेटर को रियल-टाइम वीडियो फीड प्रदान करेंगे और अपने साथ छोटे हथियार भी ले जा सकेंगे। इसके अलावा, इनमें अत्याधुनिक सेंसर लगाए जाएंगे जो लक्ष्य की पहचान करने में मदद करेंगे, यहां तक कि ऐसे वातावरण में भी जहां GPS काम नहीं करता।

तकनीकी दृष्टि से, इन ड्रोन की उड़ान क्षमता लगभग 30 मिनट तक होगी और ये 50 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मिशन पूरा कर सकेंगे। वायुसेना फिलहाल इस प्रोजेक्ट के तहत कई ड्रोन यूनिट्स और कंट्रोल सिस्टम्स विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। ‘वायु बाण’ के जरिए भारत उन देशों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो उन्नत एयर-लॉन्च्ड ड्रोन तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। यह पहल भविष्य के युद्धों में रणनीतिक बढ़त दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।