उत्तराखंड सरकार ने मदरसों के संचालन को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। अब किसी भी मदरसे को धार्मिक शिक्षा देने के लिए धारा-14 के तहत तय 11 शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा, साथ ही शिक्षा विभाग से नई मान्यता भी लेनी होगी। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जे.एस. रावत ने मदरसा संचालकों की बैठक में स्पष्ट किया कि नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी।
राज्य में फिलहाल 482 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं, जिनमें 50 हजार से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं। सरकार के अनुसार, इन नियमों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि धार्मिक शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की अनियमितता या भड़काव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।









