रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए 23 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद दी गई। डीएसी ने वायु सेना के लिए एस-400 लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली की खरीद को हरी झंडी दी है। एस-400 प्रणाली दुश्मन के लंबी दूरी के हवाई हमलों को नष्ट करने में सक्षम होगी और रिमोटली पायलेटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट आक्रामक और समन्वित हवाई अभियानों को अंजाम देने के साथ गुप्त खुफिया, निगरानी और पहचान गतिविधियों में भी मदद करेगा। सुखोई सु-30 एयरो इंजन और घटकों की मरम्मत से विमानों का सेवा जीवन बढ़ेगा और वायु सेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा।
डीएसी ने एएन-32 और आईएल-76 परिवहन विमानों के बेड़े को बदलने के लिए मध्यम परिवहन विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी है। भारतीय सेना के लिए वायु रक्षा ट्रैक प्रणाली, बख्तरबंद टैंक गोला-बारूद, उच्च क्षमता वाली रेडियो रिले, धनुष गन प्रणाली और रनवे स्वतंत्र हवाई निगरानी प्रणाली की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में डीएसी ने 6.73 लाख रुपये मूल्य के 55 प्रस्तावों की आवश्यकता स्वीकृति दी थी। इसके अलावा, चालू वित्तीय वर्ष में 2.28 लाख करोड़ रुपये के 503 प्रस्तावों के लिए पूंजीगत खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अब तक यह किसी भी वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक संख्या है।









