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S-400, ब्रह्मोस और मध्यम परिवहन विमानों पर चर्चा, कई बड़े रक्षा सौदों के लिए भारत तैयार

भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) शुक्रवार को देश की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से कई अहम खरीद प्रस्तावों पर फैसला करने वाली है। एजेंडा में शामिल प्रस्तावों में एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की अतिरिक्त इकाइयां, मध्यम परिवहन विमानों की खरीद, नए मानवरहित लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन और लंबी दूरी की ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों का भंडार शामिल हैं। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे और इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

सबसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों में से एक है एस-400 सुदर्शन वायु रक्षा प्रणाली की पांच अतिरिक्त इकाइयों की खरीद। भारतीय वायु सेना की टीमें पहले ही रूस में चौथी स्क्वाड्रन प्राप्त करने के लिए मौजूद हैं, जिसकी डिलीवरी अप्रैल-मई में अपेक्षित है, जबकि पांचवीं इकाई इस साल नवंबर या दिसंबर में भारत पहुंचेगी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 प्रणाली ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और उच्च-मूल्य वाले निगरानी विमानों को रोकने में सफलता हासिल की थी।

इसके अलावा, भारतीय वायु सेना 60 मध्यम परिवहन विमानों की खरीद के लिए बोलियों की जांच कर रही है। इस प्रक्रिया में ब्राजील की एम्ब्रेयर, अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन और रूस की इल्युशिन जैसी प्रमुख कंपनियां मुख्य दावेदार के रूप में उभर रही हैं। ये विमान सामरिक और रणनीतिक परिवहन क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। डीएसी द्वारा स्वदेशी मानवरहित लड़ाकू विमानों के लगभग चार स्क्वाड्रन को मंजूरी मिलने की संभावना है। इस कदम से लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता और निगरानी क्षमता में मजबूती आएगी।

साथ ही, भारतीय सेना द्वारा ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों और 300 स्वदेशी धनुष हॉवित्जर की खरीद पर भी निर्णय लेने की तैयारी है। ये कदम भारतीय सेना की लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता और सामरिक ताकत को और बढ़ाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के तहत, भारत घरेलू रक्षा विनिर्माण को मजबूत करने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में एक मजबूत संदेश दे रहा है।