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दिल्ली के अक्षरधाम में कल होगी 108 फीट ऊंची स्वामीनारायण प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा

दिल्ली स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम में गुरुवार को भगवान स्वामीनारायण की 108 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा होने जा रही है। यह ऐतिहासिक आयोजन वैश्विक BAPS संस्था के प्रमुख महंत स्वामी महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा, जिसमें दुनिया भर से 300 से अधिक संत और महंत भाग लेंगे। पंचधातु से निर्मित यह विशाल प्रतिमा ‘एक चरण’ पर खड़ी भगवान स्वामीनारायण के तपस्वी स्वरूप को दर्शाती है और अपनी तरह की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमाओं में मानी जा रही है। करीब एक वर्ष में तैयार इस प्रतिमा को 8 फीट ऊंचे आधार पर स्थापित किया गया है, जिसके निर्माण में लगभग 50 कारीगरों, शिल्पी संतों और स्वयंसेवकों का योगदान रहा है।

यह प्रतिमा भगवान स्वामीनारायण के ‘नीलकंठ वर्णी’ रूप की उस कठोर तपस्या को मूर्त रूप देती है, जो उन्होंने मुक्तिनाथ मंदिर में एक पैर पर खड़े होकर की थी। उनके जीवन की 12,000 किलोमीटर लंबी आध्यात्मिक यात्रा, जिसमें उन्होंने बद्रीनाथ मंदिर, रामेश्वरम मंदिर और जगन्नाथ मंदिर जैसे प्रमुख तीर्थों का भ्रमण किया, उसी तप और त्याग की भावना को यह प्रतिमा दर्शाती है। इस महोत्सव की शुरुआत बुधवार को ‘विश्व शांति महायज्ञ’ के साथ हुई, जिसमें वैदिक विधि से षोडशोपचार पूजन किया गया।

इस दौरान महंत स्वामी महाराज ने विश्व में शांति, एकता और सद्भाव की कामना करते हुए सफेद कबूतर उड़ाकर शांति का संदेश दिया। इस आयोजन में यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया समेत दुनियाभर से 300 से अधिक संत और महंत शामिल हो रहे हैं। महोत्सव की शुरुआत ‘श्रीनीलकंठवर्णी विश्व शांति महायज्ञ’ के साथ हुई, जिसमें विश्व शांति और एकता का संदेश दिया गया। गुरुवार सुबह मुख्य प्रतिष्ठा विधि के साथ इस भव्य प्रतिमा का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।