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राज्यसभा में CAPF बिल पेश नहीं हो सका, विपक्ष के विरोध और वॉकआउट के चलते सरकार ने टाला

राज्यसभा में आज केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) (सामान्य प्रशासन) विधेयक को लेकर हंगामा देखने को मिला। सरकार बिल पेश करने के लिए तैयार थी और इसे सदन की कार्यसूची में शामिल किया गया था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण इसे फिलहाल पेश नहीं किया जा सका। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि संसदीय प्रक्रिया के तहत किसी भी बिल को पेश करने से कम से कम 48 घंटे पहले सदस्यों को सर्कुलेट करना अनिवार्य है, जो इस मामले में नहीं किया गया।

विपक्षी दलों – कांग्रेस, AAP, CPI(M) और TMC – ने समय पर बिल न मिलने और IPS अधिकारियों की तैनाती के प्रावधानों पर आपत्ति जताई और सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद सरकार ने बिल पेश करने का निर्णय स्थगित कर दिया। गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्षी नेताओं से बैठक कर सहमति बनाने की कोशिश की।

CAPF बिल का उद्देश्य पांच केंद्रीय सुरक्षा बल – केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस, सशस्त्र सीमा बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल – को एक ही ढांचे में लाना है, जिसमें भर्ती, प्रमोशन और पोस्टिंग को समान बनाया जाएगा। यह बिल पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आया है, जिसमें CAPF में IPS अधिकारियों की नियुक्ति और कैडर रिव्यू को लेकर निर्देश दिए गए थे। बिल में उच्च पदों पर IPS अधिकारियों की नियुक्ति बढ़ाने का प्रावधान विवादित माना जा रहा है। सरकार अब विपक्ष के समर्थन के साथ बिल को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।