आगामी विधानसभा चुनावों को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने के उद्देश्य से भारतीय चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। इस नई व्यवस्था के तहत अब कुछ विशेष श्रेणियों के मतदाताओं को मतदान केंद्र तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे डाक मतपत्र के माध्यम से अपना वोट दे सकेंगे।
इस सुविधा का लाभ मुख्य रूप से 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को मिलेगा। इसके अलावा, वे कर्मचारी जो चुनाव के दौरान आवश्यक सेवाओं में तैनात रहते हैं—जैसे स्वास्थ्य, अग्निशमन, परिवहन, बिजली और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभाग—भी इस व्यवस्था के अंतर्गत मतदान कर सकेंगे। चुनाव कवरेज में लगे अधिकृत मीडिया कर्मियों को भी इसमें शामिल किया गया है।
डाक मतपत्र प्राप्त करने के लिए पात्र मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्हें तय समयसीमा के भीतर संबंधित फॉर्म भरकर अपने क्षेत्र के अधिकारियों को जमा करना होगा। इसके बाद अधिकृत टीम उनके घर जाकर या निर्धारित स्थान पर जाकर मतदान प्रक्रिया पूरी कराएगी। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही, चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन प्रणाली के जरिए मतपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे आसानी से मतदान कर सकें। यह पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क होगी और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह पहल सुनिश्चित करती है कि कोई भी मतदाता अपनी परिस्थितियों के कारण मतदान से वंचित न रह जाए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी की भागीदारी बनी रहे।









