नेपाल के मोरंग जिले में मनमोहन टेक्निकल कॉलेज में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की किताबों को आग के हवाले करने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। घटना में शी जिनपिंग की प्रसिद्ध किताब “The Governance of China” समेत सैकड़ों दस्तावेज और पुराने प्रकाशन जलाए गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चीन के काठमांडू दूतावास ने नेपाल सरकार को नोट वर्बेल भेजकर कड़ी आपत्ति जताई और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
नेपाल सरकार ने तुरंत जांच शुरू कर दी। गृह मंत्रालय ने मोरंग जिले के स्थानीय प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिया कि दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाए। कॉलेज प्रशासन और स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह जानबूझकर नहीं किया गया, बल्कि लाइब्रेरी में जगह बनाने के लिए पुराने और क्षतिग्रस्त किताबें और कागजात जलाए गए। पुलिस ने कॉलेज से लिखित स्पष्टीकरण मांगा और परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी।
चीन ने इसे दोनों देशों के घनिष्ठ संबंधों पर असर डालने वाली संवेदनशील घटना बताया। नेपाल-चीन संबंध बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं पर आधारित हैं, इसलिए यह घटना कूटनीतिक दृष्टि से गंभीर मानी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नेपाल प्रशासन ने वीडियो हटाने के निर्देश भी दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना नेपाल में चीन-विरोधी भावनाओं या पुस्तकालय प्रबंधन की लापरवाही का संकेत हो सकती है। हालांकि, इस विवाद ने दोनों देशों के रिश्तों की नाजुकता को स्पष्ट कर दिया है।









