हरियाणा के गुरुग्राम में डिलीवरी सिस्टम का नया दौर शुरू हो गया है। सेक्टर 102 में देश का पहला पूरी तरह ऑटोमैटिक ‘फिजिकल एआई’ डिलीवरी नेटवर्क लॉन्च किया गया है, जहां अब डिलीवरी बॉय की जगह ड्रोन और एआई रोबोट सामान पहुंचाने का काम करेंगे। यह पहल गुरुग्राम स्थित कंपनी Sky Air Mobility ने शुरू की है। इस नई तकनीक के तहत खाना, किराना और छोटे पैकेट सीधे ग्राहकों के घर तक पहुंचाए जाएंगे। कंपनी के मुताबिक अब तक 36 लाख से ज्यादा ड्रोन डिलीवरी की जा चुकी हैं और पिछले 30 महीनों में इस तकनीक से करीब हजार टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिली है। इस पहल को हाल ही में आयोजित AI Impact Summit 2026 में भी पेश किया गया, जिसमें 88 देशों ने भाग लिया और एआई को आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण से जोड़ने पर सहमति बनी।
यह पूरा सिस्टम चार हिस्सों में काम करता है। पहला ‘स्काई पोर्ट’, जहां से ड्रोन उड़ान भरते हैं। दूसरा ‘स्काई शिप’, जो सामान को तय स्थान तक पहुंचाता है। तीसरा ‘अराइव पॉइंट’, जो एक स्मार्ट डिलीवरी बॉक्स होता है जहां ड्रोन पैकेट ड्रॉप करता है। चौथा हिस्सा ‘ऑटोबॉट्स’ है, जो एआई आधारित छोटे रोबोट हैं और स्मार्ट बॉक्स से सामान निकालकर ग्राहक के दरवाजे तक पहुंचाते हैं। डिलीवरी लेने के लिए ग्राहकों को मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी से वेरिफिकेशन करना होगा। ओटीपी दर्ज करते ही रोबोट का सुरक्षित कंपार्टमेंट खुल जाएगा।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी इस स्वदेशी नवाचार की सराहना करते हुए कहा है कि भारत अब केवल सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि वास्तविक दुनिया में एआई तकनीक के उपयोग में भी आगे बढ़ रहा है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो जल्द ही देश के अन्य शहरों में भी ऐसी डिलीवरी सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल से लॉजिस्टिक्स लागत में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। साथ ही भविष्य में ड्रोन कॉरिडोर और एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम विकसित होने की भी संभावना है।









