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RBI का बड़ा ऐलान: साइबर फ्रॉड पीड़ितों को मिलेगा 25,000 रुपये तक मुआवजा, जाने मानदंड

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच ग्राहकों को राहत देने के लिए नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत साइबर फ्रॉड के पीड़ितों को अधिकतम 25,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। यह मुआवजा उन मामलों में भी मिलेगा जहां ग्राहक गलती से अपना OTP, PIN या अन्य बैंकिंग जानकारी धोखेबाजों से साझा कर देते हैं। हालांकि, यह लाभ जीवन में केवल एक बार ही मिलेगा, और बार-बार होने वाले फ्रॉड मामलों में इसका लाभ नहीं दिया जाएगा।

आरबीआई के अनुसार, डिजिटल धोखाधड़ी के ज्यादातर मामलों में नुकसान की गणना इस प्रकार की जाएगी कि फ्रॉड की राशि का 15 प्रतिशत नुकसान ग्राहक को, 15 प्रतिशत नुकसान संबंधित बैंक को और शेष 70 प्रतिशत नुकसान केंद्रीय बैंक वहन करेगा। हालांकि किसी भी स्थिति में ग्राहक को 25,000 रुपये से अधिक मुआवजा नहीं मिलेगा। आरबीआई इस योजना के लिए अपनी सरप्लस आय का उपयोग करेगा और बैंक अधिकारियों का मानना है कि केंद्रीय बैंक के पास इसके लिए पर्याप्त फंड मौजूद है। फिलहाल इस योजना का विस्तृत फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है।

आरबीआई ने ग्राहकों को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए भी सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्राहकों को OTP, पासवर्ड, CVV और PIN किसी से साझा नहीं करना चाहिए। साथ ही अनजान लिंक या QR कोड स्कैन करने से बचना चाहिए, मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का इस्तेमाल करना चाहिए। किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।