दिल्ली सरकार वित्त वर्ष 2026–27 का बजट मार्च के तीसरे सप्ताह में पेश कर सकती है। नई सरकार के दूसरे साल के एजेंडे को आकार देने वाले इस बजट में आम लोगों को राहत देने वाली योजनाओं पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, बजट तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए वित्त और योजना विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों का सिलसिला जल्द शुरू होगा, जिनमें खर्च की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।
सरकार का फोकस इस बार बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर रह सकता है। बिजली और पानी से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े प्रावधान किए जाने की उम्मीद है, ताकि शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था और बेहतर हो सके। इसके अलावा, सड़कों के विस्तार, ट्रैफिक सुधार और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने की योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों को भी बजट में प्राथमिकता मिल सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। पिछले वित्त वर्ष में 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था, और इस बार बजट का आकार इससे थोड़ा अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है। राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च की जरूरतों को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए सरकार विकास कार्यों को तेज करने की रणनीति पर काम कर रही है। बजट सत्र मार्च में आयोजित होने की संभावना है, जहां सरकार अपनी आर्थिक और विकास नीतियों का रोडमैप जनता के सामने रखेगी। इस बजट से राजधानी के विकास और नागरिक सुविधाओं में सुधार की दिशा तय होने की उम्मीद की जा रही है।









