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दिल्ली–अलवर नमो भारत कॉरिडोर: NCR में कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

दिल्ली–मेरठ रैपिड रेल के बाद अब एनसीआर को एक और बड़ी सौगात मिलने की तैयारी है। प्रस्तावित दिल्ली–अलवर नमो भारत कॉरिडोर करीब 199 किलोमीटर लंबा होगा, जो दिल्ली को गुरुग्राम, धारूहेड़ा, रेवाड़ी और एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बेहरोद) होते हुए राजस्थान के अलवर से जोड़ेगा। यह रूट दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर से दोगुने से भी अधिक लंबा होगा और हाईस्पीड क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा।

परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में दिल्ली से धारूहेड़ा तक 70.72 किलोमीटर के दायरे में 13 से 16 स्टेशन विकसित किए जाएंगे। दूसरे चरण में एसएनबी से सोतानाला (करीब 33 किमी) के बीच चार स्टेशन और तीसरे चरण में एसएनबी से अलवर (करीब 58 किमी) तक दो स्टेशन प्रस्तावित हैं। पूरे कॉरिडोर में अंडरग्राउंड, ग्राउंड और एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे, जबकि धारूहेड़ा और अलवर में डिपो भी स्थापित किए जाएंगे। नमो भारत ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किमी प्रति घंटा होगी।

रिपोर्ट के अनुसार, यह कॉरिडोर एनएच-48 के साथ विकसित किया जाएगा। पहले चरण की डीपीआर को दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सरकार से मंजूरी मिल चुकी है और केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस परियोजना से दिल्ली, गुरुग्राम, रेवाड़ी, बावल और अलवर जैसे शहरों के बीच आवागमन तेज और सुगम होगा। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश और रियल एस्टेट गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हाईस्पीड कनेक्टिविटी से एनसीआर का परिवहन ढांचा और मजबूत होगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।