पंजाब के लुधियाना के प्रसिद्ध किला रायपुर में आयोजित 2026 ग्रामीण ओलंपिक के तीसरे और अंतिम दिन 12 साल बाद बैलगाड़ी रेस का रोमांच देखने को मिला। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विजेताओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक महोत्सव विशेष है क्योंकि लंबे अंतराल के बाद बैलगाड़ी दौड़ दोबारा शुरू की गई है। उन्होंने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा कि कभी किला रायपुर की खबरें राष्ट्रीय बुलेटिन का हिस्सा होती थीं और लोगों की लंबे समय से मांग थी कि इस पारंपरिक खेल को फिर शुरू किया जाए। सीएम मान ने बैलों को गुरु नानक देव जी की परंपरा से जुड़ा बताते हुए कहा कि ग्रामीण परिवार इन्हें अपने बच्चों की तरह पालते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मंच राजनीति का नहीं, बल्कि खेल और एकता का है।
गांवों में एकजुटता बनाए रखने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदान के दौरान भले ही लोग अलग-अलग दलों का समर्थन करें, लेकिन गांव की सामाजिक एकता बनी रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 2025 में संशोधन कर बैल दौड़ को कानूनी रूप से पुनः शुरू किया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। साथ ही उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।









