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MILAN 2026: 74 देशों की नौसेनाओं ने लिया भाग, समुद्री महाकुंभ बना भारत

MILAN 2026 का उद्घाटन समारोह भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने किया। उन्होंने इसे केवल नौसैनिक अभ्यास नहीं बल्कि “समुद्री महाकुंभ” बताया। समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति पर धन्यवाद जताते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार की समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर का संदेश है। नौसेना प्रमुख ने MILAN 2026 को एक वैश्विक मंच बताते हुए कहा कि यह दुनिया भर के समुद्री पेशेवरों को समुद्र को सुरक्षित, संरक्षित और खुले रखने के लिए एकजुट करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के MAHASAGAR विज़न का जिक्र किया, जिसका उद्देश्य साझेदारी और साझा जिम्मेदारी के जरिए क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देना है।

भारतीय नौसेना वर्तमान में तीन स्तरों पर काम कर रही है: वैश्विक स्तर पर समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण, क्षेत्रीय स्तर पर रणनीति निर्माण और पड़ोसी देशों के साथ नेबरहुड फर्स्ट नीति के तहत गश्त और राहत कार्य। इसी सोच का हिस्सा है IOS SAGAR की तैनाती और अफ्रीका-भारत समुद्री अभ्यास AIKEYME। Exercise MILAN की शुरुआत 1995 में हुई थी और MILAN 2026 अब 13वें संस्करण में 74 देशों की भागीदारी के साथ अब तक का सबसे बड़ा अभ्यास बन गया है। नौसेना प्रमुख ने कहा कि इतनी बड़ी भागीदारी भरोसे और सहयोग का प्रतीक है और यह संदेश देती है कि समुद्री सुरक्षा के लिए देशों का एकजुट होना आवश्यक है।

आने वाले दिनों में संयुक्त युद्धाभ्यास, जटिल समुद्री अभ्यास, प्रोफेशनल चर्चाएं, और सामाजिक एवं खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे आपसी तालमेल और भरोसा मजबूत होगा। एडमिरल त्रिपाठी ने पूर्वी नौसैनिक कमान, आंध्र प्रदेश सरकार और विशाखापत्तनम प्रशासन का धन्यवाद किया और MILAN 2026 को सुरक्षित और खुले समुद्र की दिशा में भारत की साझा यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव बताया।