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रूसी तेल पर भारत का रुख नहीं बदला, अमेरिकी दावों को मॉस्को ने नकारा

भारत और रूस के संबंध दशकों पुराने और रणनीतिक रहे हैं, जिनमें ऊर्जा सहयोग अहम भूमिका निभाता है। हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों के इस दावे के बाद कि भारत रूसी कच्चे तेल का आयात रोकने पर सहमत हो गया है, रूस ने स्पष्ट किया है कि उसे ऐसा मानने का कोई कारण नहीं दिखता। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि मॉस्को को भारत के रुख में किसी बदलाव का संकेत नहीं मिला है। उनके मुताबिक, रूसी हाइड्रोकार्बन की खरीद दोनों देशों के हित में है और इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनी रहती है।

ज़खारोवा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयानों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वाशिंगटन संप्रभु देशों पर अपनी शर्तें थोपने की कोशिश कर रहा है। यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच फोन वार्ता के बाद अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की। इसमें पहले लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क को भी हटाया गया। हालांकि भारत ने अब तक रूसी तेल आयात रोकने के दावे की न पुष्टि की है और न खंडन।