भारत और फ्रांस रक्षा सहयोग के नए अध्याय की ओर बढ़ रहे हैं, जहां अब HAMMER एयर-टू-सरफेस मिसाइलों का संयुक्त उत्पादन भारत में किया जाएगा। इस परियोजना के तहत भारत के रक्षा उपकरण निर्माता Bharat Electronics Limited (BEL) और फ्रांस की प्रमुख इंजन निर्माता सफरान कंपनी साझेदारी करेंगे। अनुमान है कि इस समझौते पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की हरी झंडी भी लग सकती है।
सूत्रों के अनुसार, इस संयुक्त उपक्रम में HAMMER मिसाइल के दो प्रमुख वेरिएंट बनाए जाएंगे: HAMMER 250 XLR और HAMMER 1000 XLR। HAMMER 250 XLR की रेंज लगभग 200 किलोमीटर है, जबकि HAMMER 1000 XLR करीब 150 किलोमीटर तक दुश्मन ठिकानों को निशाना बना सकती है। यह मिसाइलें हर मौसम में सटीक हमले में सक्षम हैं और Dassault Rafale और HAL Tejas जैसे लड़ाकू विमानों से लॉन्च की जा सकती हैं। छोटी वेरिएंट भी लगभग 70 किलोमीटर तक प्रभावी है और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में सटीक निशाना साध सकती है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य भारत में आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है। प्रारंभिक उत्पादन क्षमता सालाना लगभग 1000 यूनिट रहने की संभावना है। केवल असेंबली तक सीमित न रहकर यह परियोजना तकनीक हस्तांतरण (ToT) और स्थानीय विशेषज्ञता को विकसित करने पर भी केंद्रित होगी।
इस साझेदारी से दोनों देशों को रणनीतिक लाभ होगा। भारत के लिए यह अपने रक्षा बल की ताकत बढ़ाने और निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने का मौका है, जबकि फ्रांस को एक बड़े और उभरते रक्षा बाजार में स्थायी उपस्थिति बनाने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों का रणनीतिक सहयोग और गहरा होगा। HAMMER मिसाइल का घरेलू निर्माण भारत के रक्षा उद्योग और सुरक्षा क्षमताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।









