ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले खिलौनों की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने अनिवार्य बीआईएस प्रमाणन का पालन न करने के मामले में स्नैपडील पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जांच में सामने आया कि मंच पर ऐसे खिलौने सूचीबद्ध और बेचे जा रहे थे, जिनके पास भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का आवश्यक प्रमाण पत्र नहीं था। यह खिलौना (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2020 का उल्लंघन माना गया।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2021 से देश में बिकने वाले सभी खिलौनों के लिए बीआईएस प्रमाणन अनिवार्य है। इसके बावजूद कुछ विक्रेताओं के माध्यम से बिना प्रमाणित उत्पादों की बिक्री जारी रही। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित उत्पादों को हटाने के दावों के बाद भी वे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध थे। सीसीपीए ने स्नैपडील को निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसे किसी भी उत्पाद की लिस्टिंग न होने दी जाए जो तय गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरता हो। साथ ही उपभोक्ताओं के लिए शिकायत निवारण तंत्र- जैसे संपर्क नंबर, ईमेल और शिकायत अधिकारी की जानकारी—स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा गया है।
इसी कड़ी में अमेजन और फ्लिपकार्ट को भी नोटिस जारी कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके मंच पर केवल बीआईएस-प्रमाणित खिलौनों की ही बिक्री हो। प्राधिकरण ने यह भी रेखांकित किया कि ऑनलाइन मार्केटप्लेस केवल मध्यस्थ होने का दावा कर जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उपभोक्ता सुरक्षा की जिम्मेदारी विक्रेता के साथ-साथ प्लेटफॉर्म की भी है। सरकार की इस कार्रवाई को ई-कॉमर्स क्षेत्र में जवाबदेही और उत्पाद गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।









