उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संबोधन के दौरान हंगामा करने पर समाजवादी पार्टी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार न केवल संवैधानिक पद के प्रति अनादर है, बल्कि महिलाओं और राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा के लिए भी अपमानजनक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यपाल का संबोधन सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का दस्तावेज है और इसे बाधित करना लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
योगी आदित्यनाथ ने पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कानून का राज कायम है, रिकॉर्ड संख्या में पुलिस भर्ती हुई हैं, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए नई योजनाएं लागू हुई हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम फल-फूल रहे हैं, और 2017 से कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने सपा पर धार्मिक और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने के गंभीर आरोप लगाते हुए राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और वंदे मातरम जैसे मुद्दों पर विरोध करने का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।









