Delhi

ग्रामीण छूट से वार्ड विकास तक: दिल्ली नगर निगम ने पेश किया मेगा बजट 2026-27

दिल्ली नगर निगम ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 17,583 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। निगम नेतृत्व के अनुसार यह बजट राजधानी में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर विकास को गति देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

बजट में प्रत्येक पार्षद को अपने वार्ड में विकास कार्यों के लिए दो-दो करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही हर वार्ड की 20 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) को 25 हजार रुपये प्रति संस्था देने की घोषणा की गई है, ताकि मोहल्ला स्तर पर छोटे लेकिन जरूरी कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सके।

ग्रामीण क्षेत्रों को राहत देते हुए 49 पूर्णत: ग्रामीण घोषित गांवों में घरों पर गृहकर पूरी तरह समाप्त करने का प्रस्ताव है। वहीं शहरीकृत गांवों में मूल निवासियों के 200 वर्ग मीटर तक के मकानों को संपत्ति कर से छूट दी जाएगी। सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 5,000 कर्मचारियों को नियमित करने और नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें शामिल करने की योजना है। कचरा निस्तारण के लिए भलस्वा और ओखला लैंडफिल को 2026 तथा गाजीपुर को 2027 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। निगम कर्मचारियों और पार्षदों के लिए कैशलैस स्वास्थ्य योजना लागू की जाएगी और स्कूल भवनों के रखरखाव हेतु अलग बजट निर्धारित किया गया है। हालांकि, बजट सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी ने इसे जमीनी जरूरतों से दूर बताते हुए आलोचना की। विपक्ष का कहना है कि कचरा प्रबंधन, पार्कों की देखभाल और अन्य नागरिक समस्याओं पर ठोस रोडमैप स्पष्ट नहीं है।