आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी समन के खिलाफ दाखिल की गई याचिका वापस ले ली है। यह समन उन्हें एक्साइज पॉलिसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 21 मार्च, 2024 को ED के सामने पेश होने के लिए जारी किया गया था।
दिल्ली हाई कोर्ट की बेंच ने गुरुवार को केजरीवाल की ओर से याचिका वापस लेने की मंजूरी दे दी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका खारिज होने के बावजूद इसमें उठाई गई सभी कानूनी दलीलें भविष्य में खुली रहेंगी।
केजरीवाल की ओर से पेश सीनियर वकील ने कहा कि वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते, क्योंकि पहले ही ट्रायल कोर्ट ने समन का पालन न करने के कारण उनके खिलाफ दर्ज क्रिमिनल मामलों में उन्हें बरी कर दिया है। वहीं, ED की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि एजेंसी ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी में है।
इससे पहले, 22 जनवरी, 2024 को ट्रायल कोर्ट ने दो अलग-अलग मामलों में केजरीवाल को बरी कर दिया था। ये मामले कथित एक्साइज पॉलिसी घोटाले की जांच के दौरान ED द्वारा जारी समन का पालन न करने के आधार पर दर्ज किए गए थे। कोर्ट ने कहा कि समन की वैधता पर कानूनी चुनौती दी जा सकती है और ED यह साबित करने में विफल रहा कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन का पालन नहीं किया।
केजरीवाल वर्तमान में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम जमानत पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत “गिरफ्तारी की अनिवार्यता” पर गहराई से विचार करने के लिए मामला बड़ी बेंच के पास भेजा है। इसके अलावा, 26 जून, 2024 को CBI द्वारा भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें 13 सितंबर, 2024 को जमानत मिल चुकी है।









