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लोकसभा में बढ़ा टकराव: राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने की मांग से गरमाई राजनीति

संसद का मौजूदा सत्र एक बार फिर तीखी राजनीतिक नोकझोंक का गवाह बन रहा है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदस्यता को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए सदन में एक प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने बयानों के जरिए जनता को भ्रमित कर रहे हैं और राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

दुबे ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की है और राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने के साथ-साथ उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने की बात भी उठाई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं है, बल्कि एक अलग प्रक्रिया के तहत लाया गया प्रस्ताव है।

यह विवाद उस वक्त सामने आया जब राहुल गांधी ने हाल ही में भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और केंद्रीय बजट पर सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से देश की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। उनके इन बयानों को लेकर सत्ता पक्ष ने कड़ा रुख अपनाया है।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि विपक्ष को तथ्यों के आधार पर बोलना चाहिए, जबकि कांग्रेस का पक्ष है कि सरकार आलोचना से बचने के लिए राजनीतिक दबाव बना रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने के बजाय उनके भाषण के कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने पर विचार कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने संसद के भीतर सियासी तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में बहस और तेज होने की संभावना है।