राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने 2026-27 का बजट पेश किया, जिसमें राज्य के समावेशी विकास और आर्थिक मजबूती पर जोर दिया गया। बजट के प्रमुख प्रस्तावों में गांव और शहरों की आबादी तक नल का पानी पहुंचाने के लिए 6,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। CM जल जीवन मिशन के तहत गांवों में 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि शहरों में 2,300 करोड़ रुपये की लागत से पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
बीकानेर और जैसलमेर में 2,950 करोड़ रुपये से नए सोलर पार्क विकसित किए जाएंगे। युवाओं के लिए CM सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट स्कीम के तहत 10 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त लोन और ग्रांट प्रदान किया जाएगा, जिससे लगभग 30,000 युवाओं को लाभ होगा। सड़क सुधारों के लिए भी बजट में 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 1,400 करोड़ नॉन-पेवेबल सड़कों और 600 करोड़ मिसिंग लिंक सड़कों पर खर्च होंगे।
दीया कुमारी ने बताया कि 2026-27 में राजस्थान की अर्थव्यवस्था 21.52 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2.02 लाख रुपये होने की संभावना है। वित्त मंत्री ने इसे फिस्कल डिसिप्लिन और पॉलिसी सुधारों का परिणाम बताया। उन्होने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिद्धांतों “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” को अपनाते हुए, गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं को विकास में शामिल करते हुए राजस्थान को टिकाऊ और समावेशी विकास की राह पर आगे ले जा रही है।
यह बजट राजस्थान में जल, ऊर्जा, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।









