Haryana

12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर हरियाणा में सख्ती: ‘No Work, No Pay’ लागू

12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर जहां कर्मचारी संगठनों ने बड़े पैमाने पर तैयारियां तेज कर दी हैं, वहीं सरकार और सरकारी विभागों ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड ने हड़ताल के मद्देनजर अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि 12 फरवरी को सामान्य परिस्थितियों में किसी भी कर्मचारी को अवकाश नहीं दिया जाएगा। केवल अत्यंत आवश्यक और विशेष परिस्थितियों में ही सक्षम अधिकारी कारण दर्ज कर छुट्टी स्वीकृत करेंगे।

आदेशों की अवहेलना कर हड़ताल में शामिल होने या दूसरों को उकसाने वाले कर्मचारियों को ड्यूटी से अनुपस्थित माना जाएगा और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, हड़ताल में शामिल कर्मचारियों पर ‘नो वर्क, नो वेज’ का नियम लागू रहेगा। सभी कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर निर्देश चस्पा करने और सब-स्टेशनों पर शिफ्ट ड्यूटी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। निगम ने भविष्य में होने वाली हड़तालों और धरनों के लिए भी यही नियम लागू रहने की बात कही है। वहीं, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने दावा किया है कि केंद्र और राज्य सरकार की मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ यह हड़ताल ऐतिहासिक होगी।

उनके अनुसार, 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और किसान संगठनों के संयुक्त आह्वान पर लाखों कर्मचारी और मजदूर देशभर में हड़ताल में हिस्सा लेंगे। राज्य में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, सीटू, इंटक, एटक, हिंद मजदूर सभा समेत कई बड़े संगठन हड़ताल को सफल बनाने के लिए जनसभाएं और अभियान चला रहे हैं। पिछले कई दिनों से विभिन्न जिलों में कर्मचारियों और आम जनता के बीच व्यापक संपर्क किया जा रहा है। ऐसे में 12 फरवरी को हरियाणा समेत पूरे देश में सरकारी सेवाओं और सार्वजनिक क्षेत्र की गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।