Delhi

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नई पहल: 100 वायु रक्षक और 6 नए मॉनिटरिंग स्टेशन शुरू

दिल्ली सरकार ने राजधानी में वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को छह नए सतत पर्यावरण वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (CAAQMS) और 100 वायु रक्षकों की तैनाती का उद्घाटन किया। यह पहल राजधानी में वायु गुणवत्ता की निगरानी और नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई केवल सर्दियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साल भर चलने वाला अभियान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्लीवासियों को साफ और सांस लेने योग्य हवा प्रदान करना है। रेखा गुप्ता ने डेटा की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया और बताया कि पीएम 10 और पीएम 2.5 का डेटा हर घंटे, जबकि अन्य पैरामीटर का डेटा हर पांच मिनट में ऑनलाइन अपडेट होता है।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मॉनिटरिंग के साथ-साथ नियमों का सख्ती से पालन भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि 233 रिक्त पदों में से 157 पद केवल 11 महीनों में भरे गए, जो पिछले दशक की तुलना में लगभग दोगुना है। नई मॉनिटरिंग सुविधाओं से दिल्ली में कुल 46 CAAQMS स्टेशन हो गए हैं, जो देश में किसी भी शहर से अधिक हैं। ये स्टेशन जेएनयू, इग्नू, तालकटोरा गार्डन, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दिल्ली कैंटोनमेंट और एनएसयूटी (वेस्ट कैंपस) में स्थापित किए गए हैं।

वायु रक्षक अब जमीनी स्तर पर नियमों के पालन और प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करेंगे, वहीं दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन का 4,000 ईवी बसों का बेड़ा और 2028 तक 14,000 क्लीन फ्यूल बसों का लक्ष्य भी प्रदूषण घटाने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई लंबी है और लगातार प्रयासों से दिल्ली को स्वच्छ और हरी-भरी बनाया जाएगा।