National Technology

भारत का ‘Sovereign AI’ दिखा रहा दम: Sarvam AI के स्वदेशी मॉडल्स की वैश्विक सराहना

भारत की ‘Sovereign AI’ रणनीति अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगी है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि स्वदेशी स्टार्टअप Sarvam AI द्वारा विकसित एडवांस्ड AI मॉडल्स ने साबित कर दिया है कि भारत अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनने की राह पर है। उन्होंने बताया कि जो लोग पहले इस पहल की आलोचना कर रहे थे, वे भी अब इसकी तारीफ कर रहे हैं। IndiaAI Mission के तहत Sarvam AI भारतीय भाषाओं, आवाज और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप फाउंडेशनल AI मॉडल तैयार कर रहा है। कंपनी ने टेक्स्ट-टू-स्पीच, स्पीच-टू-टेक्स्ट और OCR जैसे क्षेत्रों में मजबूत समाधान विकसित किए हैं। हाल ही में लॉन्च हुआ ‘Bulbul V3’ टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल वैश्विक स्तर पर सराहा गया है, जिसमें कम एरर रेट और बेहतर वॉइस क्वालिटी के साथ नया बेंचमार्क सेट किया गया है।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अब बैक-ऑफिस भूमिका से आगे बढ़कर एंड-टू-एंड टेक डेवलपमेंट हब बन रहा है। इंजीनियर AI को हेल्थकेयर, साइबर सिक्योरिटी और मटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में लागू कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य लोकल टेक स्टैक और स्वदेशी क्षमता विकसित कर टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करना है। Sarvam AI को देश का पहला Sovereign Large Language Model विकसित करने के लिए चुना गया है। कंपनी ने 11 भारतीय भाषाओं में 30 से अधिक प्रोफेशनल वॉइस लाइब्रेरी जारी की हैं और जल्द ही 22 भाषाओं तक सपोर्ट बढ़ाने की योजना है। इसके मॉडल्स प्राकृतिक आवाज, कम गलती और रियल-वर्ल्ड उपयोग के लिए तैयार माने जा रहे हैं।

सरकार तमिलनाडु में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से ‘Sovereign AI Park’ भी स्थापित करने जा रही है, जहां रिसर्च, कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और गवर्नेंस एक ही इकोसिस्टम में काम करेंगे। IndiaAI Mission के लिए 10,300 करोड़ रुपये का बजट पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी AI मॉडल भारत की डेटा सुरक्षा, नीति नियंत्रण और डिजिटल आत्मनिर्भरता को मजबूत करेंगे। साथ ही शिक्षा, खेती, स्वास्थ्य और ई-गवर्नेंस जैसी सेवाएं आम लोगों तक आसान भाषा और वॉइस आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए पहुंच सकेंगी।