भारत ने बलूचिस्तान में हालिया हिंसा को लेकर पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि इस तरह के आरोप पाकिस्तान की आंतरिक समस्याओं और विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं। मीडिया से बातचीत में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इन आरोपों को सिरे से नकारता है और पाकिस्तान को बेबुनियाद बयानबाजी के बजाय अपने नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर ध्यान देना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान का दमन, अत्याचार और मानवाधिकार उल्लंघनों का इतिहास किसी से छिपा नहीं है। हर हिंसक घटना के बाद भारत पर आरोप मढ़ने के बजाय उसे अपने देश के भीतर हालात सुधारने की जरूरत है।
यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने बलूचिस्तान में हुए हमलों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था। इस बीच, बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बलूचिस्तान के कई शहरों में हुए हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए इसे अपने अभियान का हिस्सा बताया है। वहीं, पाकिस्तान की सेना ने दावा किया है कि जवाबी कार्रवाई में बड़ी संख्या में हमलावर मारे गए हैं, जबकि झड़पों में उसके कई सुरक्षाकर्मी भी हताहत हुए हैं। क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।









