Gujrat Uttar Pradesh

भारत के रामसर स्थलों की संख्या 98 पहुंची, पटना बर्ड सेंचुरी और छारी-धंध वेटलैंड सूची में शामिल

भारत के वेटलैंड संरक्षण अभियान को बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ का छारी-धंध वेटलैंड अब अंतरराष्ट्रीय महत्व वाले रामसर स्थलों की सूची में शामिल हो गए हैं। इन दोनों नए स्थलों के जुड़ने के साथ ही देश में रामसर साइट्स की कुल संख्या बढ़कर 98 हो गई है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने विश्व वेटलैंड दिवस (2 फरवरी) से पहले इसकी घोषणा करते हुए इसे भारत की पर्यावरण संरक्षण प्रतिबद्धता की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह मान्यता देश के समृद्ध वेटलैंड्स और जैव विविधता को संरक्षित करने के प्रयासों को दर्शाती है। ये दोनों वेटलैंड सैकड़ों प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के साथ-साथ चिंकारा, भेड़िया, कैराकल, डेजर्ट कैट, डेजर्ट फॉक्स जैसे वन्यजीवों का महत्वपूर्ण आवास हैं।

सरकार के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत का रामसर नेटवर्क 276 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। वर्ष 2014 में जहां 26 रामसर साइट्स थीं, वहीं अब यह संख्या 98 हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि पर स्थानीय समुदायों और संरक्षण कार्यकर्ताओं को बधाई दी है।  रामसर साइट्स वे वेटलैंड होते हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संरक्षण के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। ये क्षेत्र 1971 में ईरान के रामसर में हस्ताक्षरित वैश्विक संधि के तहत संरक्षित किए जाते हैं।