राजस्थान में प्रसिद्ध धार्मिक कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई मौत ने सनसनी फैला दी है। बुधवार को उनके निधन के बाद पुलिस ने शव को जोधपुर के एमडीएम अस्पताल भेजकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की है।
परिजनों के अनुसार, साध्वी पिछले दो दिनों से अस्वस्थ थीं और बुधवार को आश्रम में बुलाए गए एक व्यक्ति ने उन्हें इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत पाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें “ब्रॉट डेड” बताया और पुलिस को सूचना दी। मामले ने तब और रहस्यमय रूप ले लिया, जब मौत के करीब चार घंटे बाद साध्वी के सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई, जिसे लोग सुसाइड नोट मान रहे हैं। पोस्ट में “अग्नि परीक्षा”, “गुडबाय” और “न्याय” जैसे शब्दों का जिक्र है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह पोस्ट किसने और कैसे अपलोड की।
पुलिस ने परिजनों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। शुरुआती तौर पर परिवार ने न तो शिकायत दर्ज कराई और न ही पोस्टमार्टम के लिए सहमति दी। साथ ही, अस्पताल की एंबुलेंस लेने के बजाय शव को निजी वाहन से आश्रम ले जाया गया। पुलिस ने बाद में आश्रम पहुंचकर कमरे को सील किया और देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं मौत का संबंध छह महीने पुराने विवाद से तो नहीं है, जिसमें साध्वी ने अपने पूर्व सहयोगियों पर ब्लैकमेलिंग और बदनामी के आरोप लगाए थे। इसके अलावा, पिछले साल वायरल हुए एक विवादित वीडियो के बाद से वह मानसिक तनाव में बताई जा रही थीं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।









