दिल्ली सरकार एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) जैसे उभरते क्रिएटिव सेक्टर को मजबूत करने के लिए एक नई नीति लाने जा रही है। इस प्रस्तावित पॉलिसी का मकसद राजधानी को “क्रिएटिव जॉब हब” के रूप में विकसित करना और युवाओं के लिए आधुनिक स्किल-आधारित नौकरियों के अवसर पैदा करना है। सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा ड्राफ्ट जल्द सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप्स और आम नागरिकों से सुझाव लिए जा सकें। फीडबैक के बाद संशोधित प्रस्ताव को दिल्ली कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संकेत दिया कि दिल्ली में क्रिएटिव टैलेंट को बढ़ावा देने के लिए विशेष संस्थान और सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उनका कहना था कि अब युवाओं को काम की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्टूडियो और प्रोडक्शन हाउस को भी दिल्ली की ओर आकर्षित किया जाएगा। इसी दिशा में मुंबई में स्थापित किए जा रहे नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर दिल्ली में भी एक रीजनल सेंटर खोलने के लिए केंद्र सरकार से बातचीत की जाएगी।
सरकार अन्य राज्यों, खासकर महाराष्ट्र की AVGC-XR नीति का अध्ययन कर रही है, ताकि वहां के सफल मॉडलों को दिल्ली के संदर्भ में अपनाया जा सके। प्रस्तावित पॉलिसी में स्किल डेवलपमेंट, साझा इंफ्रास्ट्रक्चर, वर्चुअल प्रोडक्शन सुविधाएं, टेस्टिंग लैब और स्टूडियो क्लस्टर विकसित करने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा, क्रिएटर्स और स्टार्टअप्स को आसान बैंक ऋण, सब्सिडी और किफायती वर्कस्पेस उपलब्ध कराने पर भी विचार चल रहा है। सरकार एक AVGC समिट आयोजित करने की योजना बना रही है, जहां इंडस्ट्री और निवेशकों से सीधे संवाद कर व्यावहारिक और भविष्य-उन्मुख नीति तैयार की जाएगी। अनुमान है कि इन पहलों से दिल्ली में एक मजबूत, टिकाऊ और क्रिएटर-फ्रेंडली इकोसिस्टम विकसित होगा।









