भारत–पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल जनवरी के अंतिम सप्ताह में विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। यह अभियान राजस्थान से सटे जैसलमेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर क्षेत्रों में केंद्रित रहेगा, जहां सर्द मौसम, कोहरा और कम दृश्यता के चलते अवैध गतिविधियों की आशंका बढ़ जाती है।
इस दौरान सीमावर्ती इलाकों में तैनात बल की संख्या में इजाफा किया जाएगा। कार्यालयों और मुख्यालयों में कार्यरत कर्मियों को भी अग्रिम चौकियों पर भेजा जाएगा, ताकि निगरानी के हर बिंदु पर पर्याप्त बल मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं क्षेत्र में उतरकर गश्त और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
रेगिस्तानी इलाकों में विशेष रणनीति अपनाई जाएगी। जैसलमेर और बाड़मेर सेक्टर में ऊंटों के जरिए गश्त बढ़ाई जाएगी, ताकि दूर-दराज़ के टीलों और दुर्गम क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों के निशान तलाशे जा सकें। रेत के ऊंचे टीलों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी।
तकनीक का सहारा भी व्यापक रूप से लिया जा रहा है। घने कोहरे और रात के समय बेहतर निगरानी के लिए नाइट विजन उपकरण और थर्मल इमेजिंग सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। इसके साथ ही, सीमावर्ती जिलों में बीएसएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त गश्त भी तेज की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ, तस्करी या अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। इस विशेष अभियान का उद्देश्य गणतंत्र दिवस से पहले और सर्दियों के चरम समय में सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाना है, ताकि सीमावर्ती क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित और सतर्क रह सके।









