होली से पहले दिल्ली सरकार ने राजधानी के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक नई राहत योजना को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि गरीब परिवारों को होली और दिवाली के मौके पर एलपीजी सिलेंडर की लागत के बराबर आर्थिक मदद दी जाएगी। इस योजना के लिए सरकार ने करीब 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
इस पहल के तहत पात्र लाभार्थियों को सिलेंडर की कीमत के बराबर राशि सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाएगी। यानी सिलेंडर की फिजिकल डिलीवरी नहीं होगी, बल्कि लाभार्थी इस रकम का इस्तेमाल अपने नियमित गैस डिस्ट्रीब्यूटर से सिलेंडर खरीदने के लिए कर सकेंगे। सरकार का कहना है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भुगतान से पारदर्शिता बनी रहेगी और योजना के संचालन में आसानी होगी।
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो राशन कार्डधारी हैं और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीब श्रेणी में दर्ज हैं। प्रशासन ने राशन कार्ड डेटाबेस के आधार पर संभावित लाभार्थियों की सूची तैयार करना शुरू कर दिया है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द दिशा-निर्देश, भुगतान की समय-सीमा और बैंक व एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ समन्वय की प्रक्रिया तय करें।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पहला भुगतान होली के आसपास किया जा सकता है, जिससे हजारों परिवार त्योहार से पहले रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से राहत पा सकें। पूरे दिल्ली में लागू होने वाली यह योजना खास तौर पर उन घरों के लिए मददगार मानी जा रही है, जिनकी आमदनी सीमित है और जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सरकारी सहायता पर निर्भर हैं। आने वाले दिनों में योजना की विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी। सरकार ने पात्र लोगों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेज अपडेट रखें, ताकि लाभ समय पर मिल सके।









