ईरान में बढ़ते तनाव और खाड़ी क्षेत्र में अस्थिर हालात के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 19 जनवरी को भारत दौरे पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा यह दौरा राष्ट्रपति बनने के बाद उनका तीसरा आधिकारिक भारत दौरा है, जबकि बीते एक दशक में यह उनकी पांचवीं भारत यात्रा होगी।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ईरान संकट के साथ-साथ खाड़ी देशों में भी तनाव की स्थिति है। ऐसे में शेख मोहम्मद बिन जायद की यह यात्रा भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA), ऊर्जा सहयोग, निवेश, और स्थानीय मुद्रा में लेनदेन (LCS) जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत और यूएई के बीच व्यापार और निवेश संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। इसके अलावा रक्षा, फिनटेक, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप सेक्टर में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह दौरा न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देगा, बल्कि खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता और भविष्य के सहयोग के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।









