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भारतीय सेना का ‘रोबोटिक म्यूल’: दुर्गम पहाड़ों में अब मशीन उठाएगी मोर्चे का बोझ

भारतीय सेना में शामिल किया गया सुपर एडवांस्ड रोबोटिक म्यूल (रोबोटिक डॉग) अब दुर्गम इलाकों में सैनिकों का सबसे बड़ा सहारा बन रहा है। यह अत्याधुनिक रोबोट बिना डगमगाए ऊंचे पहाड़ों, उबड़-खाबड़ रास्तों, चढ़ाई-ढलान और नदियों को पार कर सकता है। इसे रिमोट के जरिए संचालित किया जाता है और इसके चारों ओर लगे कैमरों से जवान हर मूवमेंट पर नजर रखते हैं। यह रोबोटिक म्यूल 100 किलो तक वजन उठा सकता है और गोला-बारूद, हथियार, भोजन, दवाइयां जैसी जरूरी सामग्री दुर्गम चौकियों तक पहुंचाने में इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले जहां यह बोझ सैनिकों को कंधों पर उठाना पड़ता था, अब वही काम यह मशीन कर रही है।

साल 2023 में मिलिट्री इंटेलिजेंस में शामिल यह रोबोट इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स और इंफ्रारेड तकनीक से लैस है, जिससे यह रात्रि गश्त और निगरानी में भी बेहद कारगर साबित हो रहा है। एआई मोड पर यह संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख सकता है। यह म्यूल -40 डिग्री से लेकर 55 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी काम करने में सक्षम है। आर्मी डे पर जयपुर में हुई परेड और प्रदर्शनी में इसे पहली बार आम जनता के सामने पेश किया गया, जहां यह सेना के आधुनिकीकरण का बड़ा प्रतीक बनकर उभरा।