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जल संचयन अवॉर्ड विवाद पर केंद्र की सफाई, सोशल मीडिया के दावे बताए भ्रामक

जल शक्ति मंत्रालय ने जल संचयन, जन भागीदारी अभियान (JSJB) से जुड़े पुरस्कारों में गड़बड़ी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एआई से बने फोटो और शादी के निमंत्रण पत्र का इस अभियान से कोई संबंध नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, इन तस्वीरों को गलत तरीके से दूसरे पोर्टल से जोड़कर भ्रम फैलाया गया।

विवाद के घेरे में आए राजस्थान के बाड़मेर और उदयपुर जिलों के अधिकारियों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की है। बाड़मेर की कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि जिन फोटो पर सवाल उठे हैं, वे जल शक्ति अभियान–कैच द रेन पोर्टल से जुड़े हैं, न कि जल संचयन जन भागीदारी अवॉर्ड से। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर प्रतीकात्मक या डुप्लीकेट फोटो अपलोड हुईं, जिस पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

उदयपुर में शादी का कार्ड अपलोड होने का मामला भी जेएसए-सीटीआर पोर्टल से जुड़ा पाया गया। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह ग्राम पंचायत स्तर पर हुई मानवीय भूल थी और संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। उदयपुर जिला परिषद की सीईओ रिया डाबी ने भी साफ किया कि इसका अवॉर्ड से कोई लेना-देना नहीं है। केंद्र सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि गलत सूचनाओं का खंडन किया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मामले का संज्ञान लिया है। मध्य प्रदेश सरकार ने भी खंडवा को लेकर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।