पुणे से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नवविवाहित जोड़े ने शादी के महज 24 घंटे के भीतर ही अलग होने का फैसला कर लिया। शादी के तुरंत बाद दोनों के बीच गंभीर वैचारिक मतभेद सामने आए, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का रुख किया और आपसी सहमति से विवाह समाप्त कर दिया। मामले में पैरवी करने वाली एडवोकेट रानी सोनावणे के अनुसार, पति-पत्नी के बीच मतभेद इतने गहरे थे कि साथ रहना संभव नहीं लग रहा था। खास बात यह रही कि इस पूरे मामले में न तो किसी तरह की हिंसा का आरोप था और न ही कोई आपराधिक पहलू। दोनों पक्षों ने शांति से कानूनी प्रक्रिया का पालन किया।
एडवोकेट सोनावणे ने बताया कि शादी के अगले ही दिन से दोनों अलग रहने लगे थे। यह लव मैरिज थी और कपल एक-दूसरे को दो से तीन साल से जानता था। हालांकि, शादी के बाद पति ने पत्नी को बताया कि वह जहाज पर काम करता है और उसकी पोस्टिंग, स्थान और समय को लेकर कोई निश्चित जानकारी नहीं होती। इस अनिश्चित जीवनशैली को लेकर दोनों ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया कि अलग होना ही बेहतर विकल्प है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत मामले पर विचार करते हुए आपसी सहमति से अलगाव की अनुमति दी।









