बांग्लादेश में लगातार हो रही हिंसक घटनाओं को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने भारत विरोधी झूठे और भ्रामक आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के नैरेटिव वास्तविक स्थिति से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भारत ने विशेष रूप से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताया। विदेश मंत्रालय के अनुसार अब तक अल्पसंख्यकों के खिलाफ करीब 2,900 हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिन्हें केवल राजनीतिक हिंसा बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत ने हिंदू युवक दीपू दास की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।
इस बीच बांग्लादेश में फरवरी 2025 में प्रस्तावित आम चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान 17 साल बाद ढाका लौटे हैं, जिससे सियासी माहौल गरमा गया है। भारत ने स्पष्ट किया कि वह बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनावों का समर्थन करता है और पड़ोसी देश में शांति व स्थिरता की कामना करता है। हिंसा की ताजा घटनाओं, जिनमें दीपू दास और अमृत मंडल की हत्या शामिल है, के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर सवाल उठ रहे हैं।









