भारत ने अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता में स्पष्ट रूप से अपनी शर्तें रखीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से अमेरिका को बताया गया है कि अगर भारत की मांगें पूरी होती हैं तो दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर आगे बातचीत संभव है। भारत ने अमेरिका से कहा है कि 50% टैरिफ को घटाकर 15% किया जाए और रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगाए गए 25% पेनाल्टी को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत चल रही है। बैठक में दो मुख्य मुद्दे उठाए गए हैं—एक स्थायी व्यापार समझौते पर सहमति और दूसरा अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ को कम करने या हटाने के लिए फ्रेमवर्क तैयार करना।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर अमेरिका भारत की मांगें मान लेता है, तो जनवरी में रूस से तेल आयात में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। नवंबर में भारत का रूसी तेल आयात 17.7 लाख बैरल प्रति दिन था, जो दिसंबर में घटकर लगभग 12 लाख बैरल प्रति दिन हो गया। अमेरिका का कहना है कि टैरिफ का 25% हिस्सा रूस से तेल खरीदने के कारण लगाया गया है, जबकि भारत इसे अनुचित मान रहा है। इस वार्ता के बाद नए साल में कोई ठोस फैसला होने की उम्मीद है।









