पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजेपी धनबल के जरिए राज्य में मुस्लिम समुदाय को बांटने की कोशिश कर रही है और इसके लिए वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। ममता ने दावा किया कि इस पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ममता बनर्जी ने कहा कि वोट देने का अधिकार छीनने की साजिश रची जा रही है और यह सब 2026 के विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने के उद्देश्य से हो रहा है। उनका आरोप है कि लाखों मतदाताओं के नाम पहले ही हटाए जा चुके हैं और अब और नाम काटने की तैयारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि दशकों पुराने दस्तावेज आज कैसे मांगे जा सकते हैं, जब उस समय जन्म प्रमाण पत्र जैसी व्यवस्थाएं भी व्यापक नहीं थीं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बंगाल में बाहर से आए लोगों को बड़ी संख्या में वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के अधिकारों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जमीनी स्तर पर जाकर असली मतदाताओं की पहचान करें और जिनके नाम हटाए गए हैं, उनकी मदद करें। ममता ने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों के पास मांगे गए दस्तावेज नहीं हैं, उनके लिए स्थायी निवास प्रमाण पत्र की व्यवस्था की जाएगी।
ममता बनर्जी ने इसे सिर्फ एक चुनावी लड़ाई नहीं बल्कि अस्तित्व और लोकतंत्र की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि अगर बंगाल ने एकजुट होकर इस साजिश का मुकाबला किया, तो यही लड़ाई देशभर में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का रास्ता बनेगी।









