जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बन रहे 850 मेगावॉट रतले हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में 29 कर्मचारियों की संदिग्ध पृष्ठभूमि को लेकर पुलिस ने सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है। पुलिस ने मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) को पत्र लिखकर कहा कि इनमें से पांच का आतंकवाद से संबंध है और बाकी 23 का आपराधिक रिकॉर्ड है। इनमें पुराने आतंकियों के रिश्तेदार, ओवरग्राउंड वर्कर के बेटे और एक सरेंडर आतंकी का बेटा शामिल हैं। किश्तवाड़ एसएसपी नरेश सिंह ने पत्र में बताया कि ये लोग प्रोजेक्ट के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। पुलिस ने कंपनी से कहा कि इन पर निगरानी रखी जाए और कोई भी संदिग्ध गतिविधि तुरंत रिपोर्ट की जाए।
एमईआईएल के सीओओ हरपाल सिंह ने विधायक शगुन परिहार पर प्रोजेक्ट में देरी का आरोप लगाया और कहा कि स्थानीय भर्ती में कर्मचारियों की क्षमता सीमित है। हालांकि, पुलिस की चेतावनी मिलने के बाद उन्होंने कहा कि निगरानी जारी रखी जाएगी, लेकिन किसी को हटाने पर कानूनी चुनौतियाँ आ सकती हैं। कंपनी को अदालत की अनुमति के बिना कार्रवाई करने में मुश्किल होगी। यह मामला सुरक्षा और स्थानीय रोजगार के बीच संतुलन की चुनौती पेश करता है।









