ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बोंन्डी बीच पर यहूदियों की सभा पर हुए हमले में साजिद अकरम की भूमिका को लेकर तेलंगाना पुलिस ने अहम खुलासा किया है। 50 वर्षीय साजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला था, लेकिन नवंबर 1998 में ऑस्ट्रेलिया चला गया और उसके पास भारतीय पासपोर्ट अभी भी मौजूद था। पुलिस के मुताबिक, पिछले करीब 27 वर्षों में उसने हैदराबाद में अपने परिवार और रिश्तेदारों से केवल सीमित संपर्क रखा। यहां तक कि उसके पिता की मृत्यु के बाद भी वह भारत नहीं लौटा।
साजिद अकरम ने ऑस्ट्रेलिया में यूरोपीय मूल की महिला से शादी की थी और उनका एक बेटा और बेटी है। दोनों बच्चे ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं। पुलिस ने बताया कि परिवार को उसकी कथित कट्टरपंथी मानसिकता या गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। बोंडी बीच की गोलीबारी से पहले साजिद और उसका बेटा नवीद अकरम फिलीपींस भी गए थे। इमिग्रेशन रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों 1 नवंबर, 2025 को वहां पहुंचे और 28 नवंबर को वापस लौटे। गोलीबारी के दौरान सुरक्षा बलों ने साजिद अकरम को मौके पर ही मार गिराया, जबकि उसका बेटा पकड़ा गया। अधिकारियों का कहना है कि उसकी लंबे समय तक भारत से दूर रहने की प्रवृत्ति और सीमित पारिवारिक संबंध उसकी अलगाववादी जीवनशैली को दर्शाती है।









