जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के हालिया बयान ने राजनीतिक माहौल में तनाव बढ़ा दिया है। कई भाजपा नेताओं ने उनके वक्तव्य को समाज को बांटने और गुमराह करने वाला बताया है। भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि देश जिहादी मानसिकता को अब बर्दाश्त नहीं करेगा और अदालतों व राष्ट्रगीत पर सवाल उठाना टुकड़े–टुकड़े गैंग की सोच को दर्शाता है। वहीं संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि मदनी का बयान न केवल भड़काऊ है, बल्कि देश में विभाजन का माहौल बनाने की कोशिश है।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने मदनी को “व्हाइट कॉलर टेरर टाइकून” करार देते हुए कहा कि ऐसी सोच समाज में टकराव पैदा करती है और इसका उद्देश्य सिर्फ अराजकता फैलाना है। आरपी सिंह का कहना है कि मदनी जानबूझकर मुस्लिम समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि लोकतंत्र में जिहाद जैसी अवधारणाओं की कोई जगह नहीं है। निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद ने भी मदनी के बयान को गलत बताते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी भारतीय संस्कृति को चुनौती देने के समान है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देशवासियों को और अधिक जागरूक और सजग बनाते हैं।









