कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बीच सत्ता और पद को लेकर जारी खींचतान कांग्रेस पार्टी के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। पार्टी आलाकमान दोनों नेताओं को बातचीत कर मामले को शीघ्र सुलझाने का निर्देश दे चुका है। इस बीच भाजपा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस में यह टकराव जारी रहा, तो भाजपा विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर सकती है।
बोम्मई ने कहा कि विवाद के चलते राज्य में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है, किसान संकट में हैं और विकास कार्य ठप हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की टकराहट के बीच कोई ‘छुपा रुस्तम’ उभर सकता है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के दो-तीन समाधान फ़ॉर्मूलों का उल्लेख किया, जिन पर दोनों नेता सहमत नहीं हैं, जिससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने की संभावना है।
साथ ही बोम्मई ने लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली द्वारा लगाए गए विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों का पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का यह इतिहास पुराना है और डी. के. शिवकुमार ने महाराष्ट्र में विधायकों को नियंत्रित करने के प्रयास किए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा स्थिति के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय ले सकती है।









