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जन्मतिथि प्रमाण के रूप में मान्य नहीं आधार कार्ड : यूपी सरकार का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट किया है कि अब आधार कार्ड को जन्मतिथि प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियोजन विभाग ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए हैं कि आधार में दर्ज जन्मतिथि को आधिकारिक दस्तावेज़ के रूप में न माना जाए, क्योंकि इसे सत्यापित नहीं किया जाता और कई बार यह स्वयं घोषित होती है।

सरकार ने कहा है कि सरकारी सेवाओं, नौकरियों, पेंशन, छात्रवृत्ति, लाइसेंस और अन्य उम्र-आधारित प्रक्रियाओं में अब केवल मान्य दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र या नगर निकाय द्वारा जारी पंजीकरण रिकॉर्ड ही स्वीकार किए जाएंगे। इस निर्णय के पीछे UIDAI का भी पत्र है, जिसमें आधार में दर्ज जन्मतिथि को प्रमाणिक नहीं माना गया है।

इसी तरह महाराष्ट्र सरकार ने भी आधार कार्ड के आधार पर जारी बर्थ सर्टिफिकेट को रद्द करने का आदेश दिया है। अगस्त 2023 में कानून में बदलाव के बाद, आधार से बने सभी संदिग्ध बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट रद्द कर दिए जाएंगे। रेवेन्यू मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। राज्य के तहसीलदार, सब-डिविजनल अधिकारी और डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर अब 16-पॉइंट वेरिफिकेशन गाइडलाइन के तहत जन्म और मृत्यु प्रमाणों की सख्ती से जांच करेंगे।

इन फैसलों का उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों के उपयोग को रोकना और सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना बताया गया है। अब आधार कार्ड केवल पहचान के लिए इस्तेमाल हो सकेगा, लेकिन जन्मतिथि के आधिकारिक प्रमाण के रूप में इसकी मान्यता समाप्त हो गई है।