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जी20 में वैश्विक चुनौतियों पर भारत की मजबूत आवाज बने पीएम मोदी

जोहान्सबर्ग में जारी जी20 शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सामने भारत का व्यापक और दूरदर्शी दृष्टिकोण रखा। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर बताया कि दिन बेहद महत्वपूर्ण और उपलब्धियों से भरा रहा। दो प्रमुख सत्रों में हिस्सा लेते हुए पीएम मोदी ने आर्थिक अस्थिरता, जलवायु संकट, डिजिटल साझेदारी और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं जैसे मुद्दों पर भारत की रचनात्मक भूमिका को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने कई विश्व नेताओं के साथ बातचीत में कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि चर्चा में आर्थिक अनिश्चितता, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। पीएम मोदी ने सम्मेलन से जुड़े पलों का एक वीडियो भी साझा किया और लोगों से इसे देखने की अपील की। उन्होंने जी20 मंच पर चार अहम प्रस्ताव रखे, जिनमें ड्रग-टेरर नेटवर्क को खत्म करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकवाद के वित्त पोषण पर संयुक्त कार्रवाई को शामिल किया गया है।

अफ्रीका के विकास को प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री ने ‘जी20-अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव’ पेश किया, जिसका लक्ष्य अगले दस वर्षों में दस लाख प्रशिक्षित ट्रेनर तैयार करना है। यह पहल ट्रेन-द-ट्रेनर मॉडल पर आधारित होगी और अफ्रीकी युवाओं को नए कौशल के जरिए अधिक सक्षम बनाने पर केंद्रित होगी। उन्होंने पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान को संरक्षित रखने के लिए एक वैश्विक भंडार बनाने का सुझाव दिया, ताकि मूल्यवान सांस्कृतिक व वैज्ञानिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके। महामारी और प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित व समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक ग्लोबल हेल्थ रिस्पॉन्स टीम बनाने का प्रस्ताव भी प्रधानमंत्री ने आगे बढ़ाया।

प्राकृतिक आपदाओं में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने अपनी 2023 की जी20 अध्यक्षता के दौरान आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए एक विशेष कार्य समूह बनाया था। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका द्वारा इस मुद्दे को प्राथमिकता देने का स्वागत किया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता है। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।