फरीदाबाद में आतंकियों ने लगभग 3,000 किलो अमोनियम नाइट्रेट का भंडारण कर रखा था और इसे विस्फोटक में बदलने के लिए आटा चक्कियों का इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, डॉक्टर मुजम्मिल के घर से भी ऐसी मशीनें बरामद हुई हैं, जिनसे यूरिया और अन्य केमिकल्स को पीसकर विस्फोटक तैयार किया जाता था।
एनआईए की टीम ने धौज गांव में एक टैक्सी ड्राइवर के घर से आटा चक्की और कुछ इलेक्ट्रॉनिक मशीनें जब्त की हैं। यह वही ड्राइवर है, जिसके किराए के कमरे में मुजम्मिल यूरिया पीसकर विस्फोटक बनाता था। 9 नवंबर को जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने इसी कमरे से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था।
सूत्रों के अनुसार, टैक्सी ड्राइवर शब्बीर मूल रूप से पलवल का रहने वाला है और वह पिछले 20 साल से धौज गांव में अपनी बहन के यहां रहता है। ड्राइवर ने बताया कि मुजम्मिल ने मशीनें पहले अपने बहन के शादी के गिफ्ट के रूप में लाने का बहाना बनाया और फिर इन्हें कमरे में रखकर यूरिया पीसने का काम किया। एनआईए इन मशीनों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है, ताकि अमोनियम नाइट्रेट के अवशेषों का विश्लेषण किया जा सके।









