बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल द्वारा सोमवार (17 नवंबर) को फैसला सुनाए जाने से पहले माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। फैसले की पूर्व संध्या पर देश के कई हिस्सों में आगजनी, कॉकटेल विस्फोट और सड़क जाम जैसी हिंसक घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों को निशाना बनाया और कई स्थानों पर राजमार्ग पत्थरबाज़ी कर अवरुद्ध कर दिए। बढ़ते तनाव को देखते हुए सेना, पुलिस और सीमा बलों को विभिन्न इलाकों में तैनात किया गया है।
यह मामला जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के दौरान मानवता के खिलाफ कथित अपराधों से जुड़ा है, जिन आरोपों से शेख हसीना पहले ही इनकार कर चुकी हैं। ट्रिब्यूनल के फैसले से पहले देशभर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग द्वारा दो दिन का राष्ट्रव्यापी बंद बुलाए जाने से सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। ढाका में सड़कें लगभग खाली रहीं और कुछ स्थानों पर पटाखों की आवाज़ें सुनी गईं। हसीना के अलावा पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान और पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून पर भी हत्या, हत्या की कोशिश और उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप हैं। अधिकारी किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क तैनाती में हैं।









